लेटेस्ट न्यूज़
नकली, अवमानक एवं अवैध नारकोटिक औषधियों की रोकथाम हेतु एवं अन्य राज्यों से लाई गई औषधियों की राज्यव्यापी विशेष सघन प्रवर्तन अभियान जारी | शिक्षक संघर्ष मोर्चा,ब्लॉक इकाई लोरमी का एकदिवसीय सेवा सुरक्षा पद यात्रा, धरना रैली | सावन मिलन समारोह : केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा—हमारी संस्कृति और परंपराओं को सशक्त बनाते हैं ऐसे आयोजन | बकुलमुनी आश्रम मलगा में भक्ति, गुरु-सानिध्य और शिव आराधना की दिव्य अनुभूति, | भाजपा की कार्यसंस्कृति में जनसेवा सर्वोपरि, सहयोग केंद्र में तोखन साहू ने सुनीं जनता की बातें | नकली, अवमानक एवं अवैध नारकोटिक औषधियों की रोकथाम हेतु सघन जांच अभियान जारी |
लेटेस्ट न्यूज़
नकली, अवमानक एवं अवैध नारकोटिक औषधियों की रोकथाम हेतु एवं अन्य राज्यों से लाई गई औषधियों की राज्यव्यापी विशेष सघन प्रवर्तन अभियान जारी | शिक्षक संघर्ष मोर्चा,ब्लॉक इकाई लोरमी का एकदिवसीय सेवा सुरक्षा पद यात्रा, धरना रैली | सावन मिलन समारोह : केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा—हमारी संस्कृति और परंपराओं को सशक्त बनाते हैं ऐसे आयोजन | बकुलमुनी आश्रम मलगा में भक्ति, गुरु-सानिध्य और शिव आराधना की दिव्य अनुभूति, | भाजपा की कार्यसंस्कृति में जनसेवा सर्वोपरि, सहयोग केंद्र में तोखन साहू ने सुनीं जनता की बातें | नकली, अवमानक एवं अवैध नारकोटिक औषधियों की रोकथाम हेतु सघन जांच अभियान जारी |

RECENT POSTS

डॉ. श्वेता के शोध एआई संचालित मृदा स्वास्थ्य विश्लेषण उपकरण को केंद्र से मिला पेटेंट

Picture of ashwani agrawal

ashwani agrawal

डॉ. श्वेता के शोध एआई संचालित मृदा स्वास्थ्य विश्लेषण उपकरण को केंद्र से मिला पेटेंट

बिलासपुर शासकीय नवीन महाविद्यालय, सकरी की प्राध्यापिका डॉ. श्वेता झील जायसवाल ने शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है। उनके अविष्कार “पोर्टेबल एआई संचालित मृदा स्वास्थ्य विश्लेषण एवं अनुशंसा उपकरण” को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने पेटेंट दे दिया है। यह अत्याधुनिक उपकरण एक पोर्टेबल, एआई आधारित मृदा विश्लेषण यंत्र है, जो बहु-पैरामीटर मृदा परीक्षण, एआई डेटा विश्लेषण और क्लाउड कनेक्टिविटी जैसी उन्नत तकनीकें इसमें शामिल हैं। इस कॉम्पैक्ट और उपयोग में सरल यंत्र में एम्बेडेड सेंसर लगे हैं, जो मिट्टी की नमी, तापमान, पीएच मान, और नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटेशियम जैसे प्रमुख पोषक तत्वों का सटीक विश्लेषण करते हैं। इस परियोजना में कृषि अधिकारी अभय पाल ने सहयोगी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. जायसवाल पिछले 20 वर्षों से शिक्षा एवं अनुसंधान क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनका शोध मुख्यतः मृदा भौतिकी पर केंद्रित रहा है। उनके 25 से अधिक शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जरनल में प्रकाशित हो चुके हैं। साथ ही उन्होंने 15 से अधिक पुस्तकों का लेखन एवं संपादन भी किया है। डॉ. श्वेता जायसवाल ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने पति झील जायसवाल, जनगणना अधिकारी (कलेक्टर कार्यालय, बिलासपुर) को दिया है।

Ashwani Agrawal
मुंगेली / लोरमी न्यूज़
CRIME NEWS
RECENT POSTS