लेटेस्ट न्यूज़
सहायक शिक्षकों का आक्रोश उमड़ा, फेडरेशन ने दिया आंदोलन का संकेत | युवा लेखक डॉ. दिलीप सिंह राजपूत की पुस्तक का उपमुख्यमंत्री ने किया विमोचन | अज्ञात व्यक्ति के द्वारा जैतखाम को जलाने की की गई कोशिश शिकायत पर पुलिस ने विवेचना की जारी | युवक कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष दिलीप साहू व साथी योगेश डहरिया पर जानलेवा हमला, पशु तस्करों की दबंगई उजागर | 24 घंटे के भीतर चोरी के सामान को बरामद कर 02 आरोपी सहित कबाड़ी खरीददार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया जेल | रूपये पैसे का लालच देकर सट्टा पट्टी एवं मोबाइल मे क्रिकेट माजा इलेवन एप के माध्यम से ऑनलाइन जुआ खेलाना पाये जाने से 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल |
लेटेस्ट न्यूज़
सहायक शिक्षकों का आक्रोश उमड़ा, फेडरेशन ने दिया आंदोलन का संकेत | युवा लेखक डॉ. दिलीप सिंह राजपूत की पुस्तक का उपमुख्यमंत्री ने किया विमोचन | अज्ञात व्यक्ति के द्वारा जैतखाम को जलाने की की गई कोशिश शिकायत पर पुलिस ने विवेचना की जारी | युवक कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष दिलीप साहू व साथी योगेश डहरिया पर जानलेवा हमला, पशु तस्करों की दबंगई उजागर | 24 घंटे के भीतर चोरी के सामान को बरामद कर 02 आरोपी सहित कबाड़ी खरीददार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया जेल | रूपये पैसे का लालच देकर सट्टा पट्टी एवं मोबाइल मे क्रिकेट माजा इलेवन एप के माध्यम से ऑनलाइन जुआ खेलाना पाये जाने से 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल |

RECENT POSTS

उप मुख्यमंत्री अरुण साव भुवनेश्वर में आयोजित कलिंगा साहित्य महोत्सव में हुए शामिल

Picture of ashwani agrawal

ashwani agrawal

साहित्य समाज का दर्पण और अभिव्यक्ति का सशक्त का माध्यम है : डिप्टी सीएम अरुण साव

भुवनेश्वर – ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित कलिंगा साहित्य महोत्सव (KLF 2025 ) में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव शामिल हुए। महोत्सव में श्री साव ने कहा कि, छत्तीसगढ़ वासियों पर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद हमेशा साथ है।

इस शानदार आयोजन के माध्यम से भारत के संस्कार और सभ्यता को आगे बढ़ाने के काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, साहित्य समाज का दर्पण होता है। यह मनुष्य को सच से साक्षात्कार कराता है। इतिहास से सीख और भविष्य का बोध कराता है।

दुनिया बिना साहित्य के नहीं हो सकती है। साहित्य के बिना समाज की कल्पना नहीं कर सकते। आज साहित्य संचय का तरीका बदल गया है। आज भी लाइब्रेरी प्रासंगिक है लेकिन उसका स्थान मोबाइल और लैपटॉप ने लिया, इसमें पूरा साहित्य समाहित हो गया है। उन्होंने कहा कि, साहित्य लेखन के प्रकार बदल गए हैं। आधुनिकीकरण का समावेश देखने को मिल रहा है।

श्री साव ने कहा कि, जानवर और इंसान में अंतर है। इंसानों की तरह जानवर बोल नहीं पाता है। इसी तरह साहित्य के बिना समाज अधूरा है। समाज की भाषा साहित्य है। यह उनकी अभिव्यक्ति का माध्यम है। और इसका सीधा संबंध भाषा से है। हमारे देश में भाषाओं की विविधता है। उड़िया एक समृद्ध भाषा है, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ को जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि, ओडिशा और छत्तीसगढ़ का रोटी बेटा का संबंध है। दोनों राज्य भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। साथ ही हमारी भाषा, खान पान और वेशभूषा में समानता देखने को मिलती है। दोनों राज्यों में और भी बहुत सारी समानता है।

छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में उड़िया भाषी मेरे भाई-बहन रहते हैं। और छत्तीसगढ़ के लोग भी बड़ी संख्या में ओडिशा में निवास करते हैं, और वे छत्तीसगढ़ी बोलते हैं। ओडिशा से हमारा अटूट संबंध है।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि, सम्मेलन में अनेक देशों के प्रतिनिधि आए हैं। भारत ने पूरी दुनिया को अपना परिवार माना है। सबका सम्मान और आदर किया।

मुंगेली / लोरमी न्यूज़
CRIME NEWS
RECENT POSTS