प्रेम प्रसंग के रंजिश में पिता और पुत्र ने ली युवक की जान, दोनों को कारावास की सजा

मुंगेली :मुंगेली के प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सोम की अदालत ने हत्या और जानलेवा हमले के मामले में फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मुख्य आरोपी हीरालाल निषाद और उसके बेटे देवचरण उर्फ सूरज निषाद को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, वारदात में शामिल सह-आरोपी गंगोत्री बाई को भी बलवा और मारपीट की विभिन्न धाराओं के तहत कारावास से दंडित किया गया है। यह पूरा मामला सिटी कोतवाली मुंगेली के ग्राम लिम्हा का है।
अभियोजन के अनुसार, यह घटना 26 नवंबर 2023 की रात
की है। आरोपी हीरालाल का परिवार प्रार्थी परदेशी बाई के बेटे मनोहर और अपनी बेटी के बीच प्रेम संबंध का शक करता था। इसी रंजिश को लेकर आरोपी हीरालाल, गंगोत्री बाई प्रार्थी के घर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे।
जब भागवत निषाद ने बीच-बचाव किया, तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देकर लाठी, पत्थर और टांगी से हमला कर दिया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल भागवत निषाद की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनके परिवार की चार अन्य महिलाएं भी घायल हुई थीं।
न्यायालय में शासन की ओर से लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने 17 गवाहों और मजबूत मेडिकल साक्ष्य प्रस्तुत किए। इसके आधार पर कोर्ट ने
पिता को धारा 302/149 के तहत उम्रकैद और अर्थदंड की सजा सुनाई। गंगोत्री बाई को हत्या के आरोप से राहत मिली, लेकिन मारपीट और बलवा में दोषी पाए जाने पर धारा 148 और 323/149 के तहत सजा दी गई। लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर की पैरवी के चलते जनवरी 2026 से 13 जुलाई 2026 के बीच अब तक कुल 18 गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपियों को दोषसिद्धि और सजा दिलाई जा चुकी है।
मामले की विवेचना लोरमी निरीक्षक अखिलेश वैष्णव द्वारा की गई ।
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