दीपावली पर पटाखा दुकानों की सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग सख्त, जारी किए दिशा-निर्देश
सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य, लापरवाही बरतने पर दुकान संचालक होंगे जिम्मेदार

मुंगेली, 29 अक्टूबर। दीपावली पर्व के मद्देनजर पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी के दौरान आगजनी की संभावित घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अग्निशमन विभाग ने सख्ती दिखाई है। कार्यालय जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी, नगरसेना बिलासपुर द्वारा पटाखा दुकानों, अस्थायी संरचनाओं एवं पंडालों की सुरक्षा को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी पटाखा दुकान संचालकों को निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। नियमों की अनदेखी के कारण होने वाली किसी भी दुर्घटना के लिए संबंधित संचालक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
दुकानों के बीच तीन मीटर की दूरी अनिवार्य
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पटाखा दुकानें रिहायशी क्षेत्रों और बाजारों के अत्यधिक नजदीक नहीं खोली जाएंगी। दुकानों का निर्माण कपड़े, बांस, रस्सी और टेंट जैसी ज्वलनशील सामग्री के बजाय अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड में करना होगा। साथ ही दुकानों को अग्निरोधक घोल से उपचारित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक दुकान के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी रखना अनिवार्य होगा तथा दुकानें एक-दूसरे के सामने नहीं बनाई जा सकेंगी।
खुले में आग और असुरक्षित बिजली व्यवस्था पर प्रतिबंध
पटाखा दुकानों में रोशनी के लिए तेल के लैम्प, गैस लैम्प तथा खुली ज्वाला वाली बिजली की बत्तियों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। दुकानों से 50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी का प्रदर्शन भी नहीं किया जा सकेगा। विद्युत तारों के जोड़ पूरी तरह सुरक्षित होने चाहिए तथा प्रत्येक मास्टर स्विच में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर लगाना अनिवार्य होगा, ताकि शॉर्ट सर्किट होने पर बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो सके। इसके अलावा ट्रांसफार्मर के पास दुकानें नहीं बनाई जाएंगी और दुकानों के ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन नहीं गुजरनी चाहिए।
हर दुकान में अग्निशमन यंत्र और 200 लीटर पानी जरूरी
विभाग ने प्रत्येक पटाखा दुकान में पांच किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र रखना अनिवार्य किया है। इसके अलावा दुकान के अंदर और बाहर 100-100 लीटर पानी की व्यवस्था करनी होगी। इस तरह प्रत्येक दुकान में कुल 200 लीटर पानी उपलब्ध रखना जरूरी होगा, जिससे आपात स्थिति में आग पर तत्काल काबू पाने का प्रयास किया जा सके।
अग्निशमन वाहनों के लिए छह मीटर का रास्ता रखना होगा खाली
दुकानों के सामने बाइक और कार की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। अग्निशमन विभाग और एंबुलेंस के संपर्क नंबर परिसर के प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने होंगे। आपात स्थिति में दमकल वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कम से कम छह मीटर चौड़ा रास्ता उपलब्ध रखना अनिवार्य होगा। वहीं अस्थायी संरचनाओं एवं पंडालों का निर्माण भारतीय मानक आईएस 8758:2013 के अनुरूप करना होगा।
अग्निशमन विभाग ने सभी पटाखा दुकान संचालकों से निर्धारित सुरक्षा नियमों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है, ताकि दीपावली का पर्व सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा सके।
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