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मुंगेली के 367 पंचायतों में एक साथ गूंजी साइबर जागरूकता की आवाज, 8,489 लोगों ने ली शपथ

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367 पंचायतों में एक साथ गूंजी साइबर जागरूकता की आवाज, 8,489 लोगों ने ली शपथ

मुंगेली में पुलिस-प्रशासन की बड़ी पहल, ग्रामीणों को OTP, PIN, फर्जी लिंक और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से बचने की दी समझाइश

मुंगेली, 10 सितंबर। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच मुंगेली पुलिस और जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों तक साइबर जागरूकता का संदेश पहुंचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया। “साइबर जागृति अभियान” के तहत गुरुवार को जिले के तीनों विकासखंडों की 367 ग्राम पंचायतों में एक साथ वृहद साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान में 8,489 ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं ने सहभागिता करते हुए “साइबर जागृति शपथ” ली।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल राम रावटे के समन्वय में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर ठगी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित रखना रहा।

कार्यक्रम में पथरिया विकासखंड की 96 ग्राम पंचायतों में 1,838, मुंगेली विकासखंड की 124 ग्राम पंचायतों में 4,057 तथा लोरमी विकासखंड की 127 ग्राम पंचायतों में 2,595 लोगों ने हिस्सा लिया। इस तरह जिलेभर में कुल 367 ग्राम पंचायतों के 8,489 लोगों ने साइबर अपराध से बचाव के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया।

OTP और PIN किसी से साझा न करने की अपील

जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों को बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन से जुड़ी सावधानियों की जानकारी दी गई। लोगों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि बैंक खाते, एटीएम कार्ड, आधार और यूपीआई से संबंधित OTP, PIN अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें।

मोबाइल पर आने वाले फर्जी मैसेज, लॉटरी के लालच, संदिग्ध लिंक और अनजान APK अथवा ऐप से सावधान रहने की भी समझाइश दी गई। पुलिस ने कहा कि साइबर ठग अक्सर लोगों को लालच, डर या जल्दबाजी का दबाव बनाकर अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तत्काल प्रतिक्रिया देने के बजाय उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।

अनजान वीडियो कॉल और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से रहें सावधान

ग्रामीणों को अनजान वीडियो कॉल और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग के मामलों में घबराने के बजाय समझदारी से काम लेने की सलाह दी गई। परिवार के सदस्यों से विशेष रूप से घर के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में जानकारी देने की अपील की गई।

ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल

कार्यक्रम में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन ठगी के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है।

लोगों से अपील की गई कि ठगी होने की स्थिति में बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें तथा नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल में भी सूचना दें। समय रहते शिकायत मिलने पर ठगी की रकम को होल्ड कराने और आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक प्रयास किए जा सकते हैं।

“जागरूक गांव, सुरक्षित समाज” का संदेश

अभियान के दौरान ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से “साइबर जागृति शपथ” लेते हुए साइबर अपराध से स्वयं बचने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के समापन पर ग्रामीणों ने “जागरूक गांव, सुरक्षित समाज” और “साइबर अपराध से आजादी” के नारे लगाए। इसके बाद “भारत माता की जय” के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

मुंगेली जिले की 367 ग्राम पंचायतों में एक साथ आयोजित यह व्यापक साइबर जागरूकता अभियान ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल ठगी से सुरक्षित रखने की दिशा में पुलिस और प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।

Ashwani Agrawal
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मुंगेली / लोरमी न्यूज़
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