लेटेस्ट न्यूज़
लोरमी मुख्य मार्ग की ऊँचाई यथावत रखने व्यापारियों ने उपमुख्यमंत्री से की मांग आज जनदर्शन में | जनदर्शन में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सुनी आम नागरिकों की समस्याएं  520 से अधिक आवेदकों ने डिप्टी सीएम के समक्ष रखी अपनी मांगें एवं समस्याएं | जनदर्शन: लोरमी में 14 अक्टूबर को उप मुख्यमंत्री श्री साव सुनेंगे आम नागरिकों की समस्याएं | मुंगेली पुलिस के ‘पहल’ अभियान के तहत विद्यार्थियों को किया गया जागरूक, साइबर अपराध से बचाव के बताए तरीके | डिप्टी सी एम साव ने पुल और सड़क के कार्य को लेकर अधिकारियों की लगाई क्लास | सेवा संकल्प अभियान के तहत लोरमी और ग्राम लगरा में सेवा सेतु शिविर आयोजित |
[the_ad id="4350"]
लेटेस्ट न्यूज़
लोरमी मुख्य मार्ग की ऊँचाई यथावत रखने व्यापारियों ने उपमुख्यमंत्री से की मांग आज जनदर्शन में | जनदर्शन में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सुनी आम नागरिकों की समस्याएं  520 से अधिक आवेदकों ने डिप्टी सीएम के समक्ष रखी अपनी मांगें एवं समस्याएं | जनदर्शन: लोरमी में 14 अक्टूबर को उप मुख्यमंत्री श्री साव सुनेंगे आम नागरिकों की समस्याएं | मुंगेली पुलिस के ‘पहल’ अभियान के तहत विद्यार्थियों को किया गया जागरूक, साइबर अपराध से बचाव के बताए तरीके | डिप्टी सी एम साव ने पुल और सड़क के कार्य को लेकर अधिकारियों की लगाई क्लास | सेवा संकल्प अभियान के तहत लोरमी और ग्राम लगरा में सेवा सेतु शिविर आयोजित |

RECENT POSTS

महिलाओं ने किया वट सावित्री पूजा, मांगी अखण्ड सुहाग का वरदान,

Picture of ashwani agrawal

ashwani agrawal

ब्युरो चीफ – जितेन्द्र कुमार पाठक

लोरमी – वट सावित्री के अवसर पर महिलाओं ने पति के लंबी उमर के लिए रखे व्रत विधि विधान से किया पूजा अर्चना वट वृक्ष के 108 फेरे लगाकर अखण्ड सुहाग का वरदान माँगी।

वट सावित्री पूजन के लिए महिलाएं अपनी पति के लंबी उमर के लिए वट वृक्ष का पूजा किये। यह दिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है इस दिन पतिव्रता सावित्री देवी के रूप में मनाया जाता है जानकारों के बताये अनुसार इस दिन मृत्यु देव ने पतिव्रता सावित्री के पति की प्राण हरण करना चाहा लेकिन भारतीय नारी की प्रेम के आगे सावित्री ने यमदूत से अपने पति की जीवन वापस ले लिए इस वजह से भारतीय नारी आज भी वट सावित्री की पूजा करती है और अपने पति की दीर्घायु की कामना करती है। वट सावित्री व्रत सौभाग्य और संतान सुख देने वाला व्रत है इस व्रत में वट और सावित्री दोनों का विशेष महत्व माना गया है पुराणों में पीपल की तरह वट वृक्ष की विशेष महता है।

वट सावित्री पूजन के लिए सुहागिनी महिलाओं के द्वारा सुबह से व्रत रखकर वट वृक्ष पर जल अर्पण कर हल्दी, तिलक, सिंदूर, चंदन का लेप लगाकर फल-फुल अर्पित करते हुये मीठा का भोग लगाये तथा वट वृक्ष मेें मौली धागे को धुमाते हुये 108 फेरे लगाये तथा पति की दीर्घायु व सुख समृद्धि के लिए कामना करते हुये आरती किये तथा पति के पैर छुकर आर्शीवाद लिये, वट सावित्री पूजा करने के लिए वट वृक्ष के नीचे महिलाओं की काफी भीड़ रही नगर के बाजारपारा, रानीगांव, ब्राह्मणपारा, शांति चौक, मंजगाव, डबरीपारा, राम्हेपुर, डोंगरिया, सारधा, डिंडोल, खाम्ही, झझपुरी, लपटी, बोड़तरा, सारिसताल, घानाघाट, नवरंगपुर, पैजनिया, कोतरी सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्र में काफी संख्या में सुहागिनी महिलाएं पुजा कर अपनी पति की लंबी उम्र की कामना किये।

तेज गर्मी में पति की उम्र के लिए सुहागिनी महिला रही उपवास –

27 मई सोमवार वट सावित्री एवं शनिदेव जयंती के अवसर विशेष पूजा अर्चना किया गया वही वट सावित्री पूजन के लिए महिला अपने पति के लंबी उम्र के लिए कामना करते हुए उपवास रही देखा जाये तो पूरे अंचल में अभी काफी तेज धूप के साथ गर्मी पड़ रही है महिला अपने पति के लंबी उम्र के लिए इस तेज गर्मी में उपवास रही, पूजन के बाद महिलायें वट सावित्री पूजा की कहानी बताती जहाॅ महिला एक दूसरे की कहानी सुनती है।

[the_ad_group id="76"]
मुंगेली / लोरमी न्यूज़
CRIME NEWS
RECENT POSTS