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गणेशपुरी कारीआम आश्रम एवं मानस तीर्थ सोनकुंड में भक्ति की दिव्य धारा श्रावण सोमवार एवं नाग पंचमी के दुर्लभ संयोग पर

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गणेशपुरी कारीआम आश्रम एवं मानस तीर्थ सोनकुंड में भक्ति की दिव्य धारा


श्रावण सोमवार एवं नाग पंचमी के दुर्लभ संयोग पर गूंजा ‘हर हर महादेव’
श्रावण मास के तीसरे सोमवार एवं नाग पंचमी के पावन संयोग पर गणेशपुरी कारीआम आश्रम एवं मानस तीर्थ सोनकुंड शिवभक्ति की दिव्य आभा से आलोकित हो उठे। परम श्रद्धेय श्री श्री 108 श्री स्वामी शिवानंद महाराज जी के परम सानिध्य में भगवान भोलेनाथ का भव्य रुद्राभिषेक एवं विशेष धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक भाव के साथ संपन्न हुआ।


प्रातःकाल से ही दोनों पावन स्थलों पर श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ हो गया। वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्र मंत्रों की गूंज तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से संपूर्ण वातावरण शिवमय हो उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो प्रकृति की शांत गोद में स्वयं महादेव की भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही हो।


भगवान शिव का पंचामृत, गंगाजल, गन्ने के रस सहित विभिन्न पवित्र द्रव्यों से विधिवत रुद्राभिषेक किया गया। नाग पंचमी के अवसर पर नाग देवता की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना भी संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के श्रीचरणों में सुख-शांति, आरोग्य, समृद्धि एवं सर्वकल्याण की मंगलकामना अर्पित की।


गुरु-सानिध्य ने इस पावन आयोजन की आध्यात्मिक अनुभूति को और गहरा कर दिया। गुरु तत्व ही वह दिव्य सेतु है, जो साधक की श्रद्धा को शिवतत्व से जोड़ता है। सद्गुरु की कृपा और मार्गदर्शन में की गई शिव आराधना केवल बाह्य पूजा नहीं, बल्कि अंतर्मन को निर्मल करने और आत्मचेतना को जागृत करने की साधना बन जाती है।


गौरेला-पेंड्रा, कारीआम, बिलासपुर, लोरमी, मुंगेली, पंडरिया एवं कोरबा सहित अनेक क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने आयोजन में सहभागिता की। पूजा, हवन एवं पूर्णाहुति के पश्चात भंडारे एवं महाप्रसाद का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्यलाभ प्राप्त किया।
श्रावण की इस पावन बेला में शिव आराधना, गुरु-सानिध्य और सेवा का यह संगम श्रद्धालुओं के लिए केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि श्रद्धा को साधना, साधना को अनुभूति और अनुभूति को आत्मिक शांति में रूपांतरित करने वाला दिव्य अवसर बन गया। चारों ओर एक ही भाव गूंजता रहा—‘गुरुकृपा से शिवभक्ति, शिवभक्ति से आत्मशांति और आत्मशांति से सर्वकल्याण।’

Ashwani Agrawal
मुंगेली / लोरमी न्यूज़
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