विनायक तिवारी
बकुलमुनी आश्रम मलगा में
भक्ति, गुरु-सानिध्य और शिव आराधना की दिव्य अनुभूति,

21 अगस्त,मलगा (आमाडाड), MP में स्थित बकुलमुनी आश्रम में परम श्रद्धेय पूज्य श्री श्री 108 श्री स्वामी शिवानंद महाराज जी के पावन सानिध्य में भव्य रुद्राभिषेक श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर भगवान भोलेनाथ का भावपूर्वक पूजन-अर्चन किया तथा गुरुचरणों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
वेदमंत्रों के सस्वर उच्चारण के बीच दूध, जल, शहद एवं पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं द्वारा पूर्ण श्रद्धा और समर्पण भाव से रुद्राभिषेक पूजन किया गया। संपूर्ण आश्रम परिसर “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से गुंजायमान रहा। शिव आराधना के साथ गुरु-सानिध्य की अनुभूति ने वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक एवं भावपूर्ण बना दिया।
बकुलमुनी आश्रम, श्री सिद्ध बाबा अद्वैत परमहंस आश्रम बेलगहना से संबद्ध 36 आश्रमों में से एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है। पूज्य स्वामी जी महाराज का पावन सानिध्य इस आयोजन का विशेष आध्यात्मिक आकर्षण रहा, जहाँ रुद्राभिषेक केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न रहकर शिवभक्ति, गुरु-भक्ति और आत्मिक शांति का दिव्य संगम बन गया।
पूज्य स्वामी जी महाराज के पावन प्रवास एवं धार्मिक-आध्यात्मिक कार्यक्रमों के दौरान उनकी गरिमामय सुरक्षा व्यवस्था हेतु छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप की गई आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सराहनीय रही।
इसी अवसर पर पूज्य स्वामी जी महाराज के करकमलों से श्री गुरु सत्संग दर्शन हाल के भूमि पूजन का पावन कार्य भी संपन्न हुआ। भावी सत्संग स्थल गुरु-वाणी, साधना, सत्संग एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का माध्यम बनेगा।

पूज्य स्वामी जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करते हुए सनातन संस्कृति, गुरु-भक्ति, सेवा, सदाचार और साधना के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनके पावन सानिध्य में श्रद्धालुओं ने यह अनुभव किया कि गुरु की कृपा जीवन को केवल दिशा ही नहीं देती, बल्कि हृदय में श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का भाव जागृत कर देती है।
इस आयोजन में अनुपपुर, कोतमा, मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी, लोरमी, पंडरिया, मुंगेली बिलासपुर, कोरबा के श्रद्धालु भक्तों ने सम्मिलित होकर गुरु चरणों में आशीष प्राप्त कर भगवान शिव की भक्ति में लीन हुए।
विश्व कल्याण, क्षेत्र की सुख-समृद्धि और सर्वजन मंगल की कामना से रुद्राभिषेक संपन्न हुआ। इसके पश्चात महाआरती हुई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

बकुलमुनी आश्रम का यह पावन आयोजन भाव-पूजन, शिव आराधना और गुरु-सानिध्य की अविस्मरणीय अनुभूति का साक्षी बना। भक्तों के हृदय में यही भाव रहा –
“गुरुचरणों में श्रद्धा हो, हृदय में शिव का नाम हो और जीवन सबके मंगल के काम आए।”




