मुंगेली: ऑनलाइन दवा बाजार और कॉरपोरेट कंपनियों की भारी छूट के विरोध में जिले के दवा विक्रेता अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। जिला औषधि विक्रेता संघ ने 20 मई को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद को समर्थन देने का ऐलान किया है। बंद के दौरान जिले की निजी मेडिकल दुकानें बंद रहेंगी।

.दिनांक 13/05/2026 दिन बुधवार को जिला औषधि विक्रेता संघ मुंगेली द्वारा आगामी 20 मई 2026 एक दिवसीय दवा व्यवसाय बंद का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर श्री चन्द्रा जी को दिया गया
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष निरंजन अग्रवाल,सचिव विवेक केशरवानी, कोषाध्यक्ष एवं प्रदेश संगठन सचिव सुरेश शर्मा, मुंगेली नगर अध्यक्ष विनोद नागदेव ,अमित नागदेव,अमरीक सिंह सलूजा नरेंद्र राजपूत, गोविंद देवांगन,तरुण अग्रवाल, डब्बू सलूजा,निश्चल गुप्ता उपस्थित रहे.
उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध ई-फार्मेसी के कारण छोटे और मध्यम दवा कारोबारियों का अस्तित्व संकट में है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना वैध पर्चे के दवाएं बेची जा रही हैं, जिससे नशीली दवाओं के दुरुपयोग और एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ रहा है। संघ का कहना है कि दवा कोई सामान्य उत्पाद नहीं है। ऑनलाइन बिक्री में फार्मासिस्ट और मरीज के बीच प्रत्यक्ष संवाद नहीं होने से गलत या नकली दवाओं का जोखिम बढ़ जाता है। हालांकि आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी मेडिकल दुकानों को बंद से छूट दी जा सकती है।
औषधि विक्रेता संघ के पदाधिकारी ज्ञापन देने कलेक्टोरेट पहुंचे।
इन मांगों को लेकर बंदः ई-फार्मेसी से जुड़ी 28 अगस्त 2018 की अधिसूचना वापस लेने की मांग बड़े संस्थानों द्वारा दी जा रही भारी छूट पर रोक कोविड काल में जारी आपातकालीन अधिसूचना निरस्त करने की मांग।
मुंगेली जिले में दवा कारोबार से मेडिकल दुकानों से दवाओं की सप्लाई, ऑर्डर, परिवहन और डिलीवरी से जुड़े वाहन मालिक, ड्राइवर व अन्य कर्मचारियों के लगभग 400 परिवार भी इसी कारोबार से जीवनयापन कर रहे हैं। दवा विक्रेताओं का कहना है कि ऑनलाइन दवा बाजार बढ़ने से उनकी आमदनी लगातार प्रभावित हो रही है।




