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चर्चित संगीता तिवारी हत्याकांड: आरोपी पति पवन तिवारी को आजीवन कारावास की सजा मिट्टी तेल डालकर आग लगाई थी | 1 करोड़ 22 लाख रूपये, 245 किलो गांजा परिवहन में प्रयुक्त वाहन मारुति अर्टिगा कुल कीमती 13,050,000 रूपये सहित गिरफ्तार आरोपी – | हथनीकला केंद्र 2.54 करोड़ से अधिक की धान की गड़बड़ी प्रभारी विक्रम सिंह पर दर्ज हुआ एफआईआर | उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नवलपुर में सब स्टेशन क्षमता विस्तार का किया लोकार्पण, 10 गांवों को बिजली समस्या से मिलेगी राहत | थाना लोरमी, जरहागांव क्षेत्रान्तर्गत अवैध रूप से शराब बिक्री करने वाले 02 आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल एवं 02 प्रकरण सट्टा की कार्यवाही की गई | ग्राम डिंडोल🚩 “गांव चलो – बस्ती चलो अभियान” के अंतर्गत भव्य, प्रेरणादायी एवं जनसंपर्क केंद्रित कार्यक्रम सम्पन्न 🚩 |
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चर्चित संगीता तिवारी हत्याकांड: आरोपी पति पवन तिवारी को आजीवन कारावास की सजा मिट्टी तेल डालकर आग लगाई थी

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ashwani agrawal

जिला एवं सत्र न्यायालय मुंगेली की न्यायाधीश गिरजा देवी मेरावी ने चर्चित संगीता तिवारी हत्याकांड में फैसला सुनाते हुए आरोपी पति पवन तिवारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह फैसला मृतिका के मृत्यु पूर्व दिए गए बयान (डाइंग डिक्लेरेशन), चिकित्सकीय साक्ष्यों और 27 गवाहों की गवाही के आधार पर सुनाया।

मामला 12 नवंबर 2023 का है, जब ग्राम मसना में दीपावली की रात घरेलू विवाद के चलते आरोपी पवन तिवारी ने पत्नी संगीता पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। गंभीर रूप से झुलसी संगीता का रायपुर में लंबा उपचार चला, लेकिन 21 जनवरी 2024 को उसने दम तोड़ दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने प्रभावी पैरवी की। मामले में 27

गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें 7 डॉक्टरों की गवाही अहम रही। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि संगीता बयान देने की स्थिति में थी और उसने स्पष्ट रूप से अपने पति को दोषी ठहराया था। मजिस्ट्रेट के समक्ष दिया गया बयान साक्ष्य अधिनियम की धारा 32 (1) के तहत महत्वपूर्ण माना गया, जिसमें संगीता ने साफ कहा था कि उसके पति ने ही उसे जलाया है। कोर्ट ने आरोपी पवन तिवारी को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साक्ष्यों के अभाव में मृतिका के सास-ससुर को दोषमुक्त कर दिया गया।

कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत बच्चों के भरण-पोषण और शिक्षा के लिए उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।

विवेचक अखिलेश वैष्णव द्वारा की गई बारीकी से विवेचना और साक्ष्यों के संकलन ने केस को सजा तक पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाई। मृतिका संगीता द्वारा मजिस्ट्रेट के समक्ष दिया गया मरणासन्न कथन सबसे पुख्ता सबूत है। संगीता ने मरते समय स्पष्ट किया था कि, उसके पति ने ही उस पर तेल डालकर माचिस जलाई थी।

Ashwani Agrawal
मुंगेली / लोरमी न्यूज़
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