हॉस्पिटल की लापरवाही से हुयी महिला की मौत, कास लोरमी में होता ब्लड स्टोरज की व्यवस्था

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Jitendra pathak -जिला ब्यूरो मुंगेली

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मुंगेली ब्युरो चीफ – जितेन्द्र पाठक

लोरमी – गर्भवती महिला की हुयी मौत परिजनों ने हाॅस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ अरोप लगाये लगाये ईलाज में देर के कारण हुयी महिला की मौत। लोरमी मातृ शिशु हाॅस्पिटल बना रिफर सेंटर।

करोड़ो की लागत के से बने मातृ शिशु हाॅस्पिटल बनाया गया है जहाॅ मातृ शिशु के सुरक्षा के लिए हाॅस्पिटल बनाया गया था लेकिन मातृ शिशु सुरक्षित नहीं है आखिर कौन है जिम्मेदार है। गौरतलब है कि कि लोरमी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अंतर्गत सुकली उप स्वास्थ्य केन्द्र में हुया, जहाॅ खुन की कमी की बात बताया गया जिसको लेकर लेकर परिजन लोरमी मातृ शिशु हाॅस्पिटल सुबह लेकर लेकिन शाम तक महिला की मौत हो गयी। हाॅस्पिटल प्रबंधन महिला की मौत के मामले में पलड़ा झाडते नजर आये।

गौरतलब है कि सुकली निवासी सरिता राजपुत पति प्रेम सिंह 21 वर्ष जो कि सुकली उप सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में महिला की डिलवरी हुयी थी महिला का नार्मल डिलवरी हुया डिलवरी के बाद महिला का स्वास्थ्य में कमजोरी हुयी जहाॅ वहाॅ सुकली स्वास्थ्य केन्द्र में महिला परिजनों को बताया गया कि महिला का तबीयत खराब हो रही है लोरमी मातृ शिशु हाॅस्पिटल ले जाने की बात कही स्वास्थ्य कर्मी के द्वारा बताया गया कि महिला का ड्रिप करने के लिए नश नहीं मिल रहा है, वहाॅ से हमको लोरमी स्वास्थ्य केन्द्र ले जाने की बात कहे परिजनों के द्वारा रात्रि में करीब 7 से 8 बजे के आसपास लोरमी मातृ शिशु हाॅस्पिटल लेकर आये। मृतक के पति प्रेमसिंह के बताये अनुसार लोरमी आने के बाद ब्लड चेक के लिए खुन निकाला गया उसके बाद मेरी पत्नी और सुस्त हो गयी, मेरे द्वारा सुबह से कई बार पुछा गया कि रिपोर्ट में क्या है कोई ठीक से जवाब नहीं दिये लैब जाकर पुछा तो बताये की बहुत पहले रिपोर्ट भेज दिये है दुसरे दिन सुबह 11 बजे जब फिर पता किये तो बताये कि ब्लड की कमी है दो युनिट चाहिये हमारे द्वारा ब्लड लेकर आना पड़ेगा, हमारे द्वारा मुॅगेली ब्लड लेकर आये फिर बताये कि ब्लड को नार्मल करना पड़ेगा हमारे द्वारा अपने शरीर में दबा के रखे फिर ब्लड नार्मल हुया, हमारे द्वारा पुछा गया कि कुछ परेशानी है तो कहे की कुछ समस्या नहीं है उसके कुछ समया बाद मेरी पत्नि मौत हो गयी। हाॅस्पिटल में डाॅक्टर उपस्थित नहीं रहे वहाॅ स्टाॅफ के द्वारा कि डाॅक्टर से फोन से पुछकर ईलाज कर रहे थे अगर विशेषज्ञ उपस्थित रहते तो शायद महिला की जान बच सकती थी।

क्या कहना है –

हाॅस्पिटल के लापरवाही के कारण मेरी पत्नि की मौत हुयी है रात में कोई रहते नहीं है डाॅक्टर रात में नहीं थे स्टाफ के द्वारा फोन से बात कर ईलाज कर रहे थे।

प्रेम सिंह राजपुत मृतिका के पति

डिलवरी उप स्वास्थ्य केन्द्र सुकली में हुयी थी हैवी ब्लडिंग होने के कारण लोरमी लेकर आये थे जहाॅ स्थिर हो गयी थी सुबह टेस्ट कराया गया महिला का खुन की कमी पाया गया खुन मंगाया जहाॅ परिजन करीब 4 बजे के आसपास लेकर आये महिला को ब्लड लगाने के लिए तैयारी किये महिला को अचानक बीपी, आॅक्सिजन कम होने लगा डाॅक्टर के द्वारा चेक किया लेकिन डाॅक्टर के द्वारा महिला जान नहीं बचा सके।

डाॅ. जी एस दाउ बीएमओ लोरमी

हाॅस्पिटल में महिला की मौत की बात सामने आया है महिला को कल लेकर आये थे अचानक तबीयत खराब होने की बात हाॅस्पिटल स्टाफ के द्वारा बताया गया, परिजनों के द्वारा आरोप लगाया गया जाॅच कर कार्यवाही किया जायेगा।

सांतनुम तारम नायब तहसीलदार

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