लेटेस्ट न्यूज़
लोरमी मुख्य मार्ग की ऊँचाई यथावत रखने व्यापारियों ने उपमुख्यमंत्री से की मांग आज जनदर्शन में | जनदर्शन में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सुनी आम नागरिकों की समस्याएं  520 से अधिक आवेदकों ने डिप्टी सीएम के समक्ष रखी अपनी मांगें एवं समस्याएं | जनदर्शन: लोरमी में 14 अक्टूबर को उप मुख्यमंत्री श्री साव सुनेंगे आम नागरिकों की समस्याएं | मुंगेली पुलिस के ‘पहल’ अभियान के तहत विद्यार्थियों को किया गया जागरूक, साइबर अपराध से बचाव के बताए तरीके | डिप्टी सी एम साव ने पुल और सड़क के कार्य को लेकर अधिकारियों की लगाई क्लास | सेवा संकल्प अभियान के तहत लोरमी और ग्राम लगरा में सेवा सेतु शिविर आयोजित |
[the_ad id="4350"]
लेटेस्ट न्यूज़
लोरमी मुख्य मार्ग की ऊँचाई यथावत रखने व्यापारियों ने उपमुख्यमंत्री से की मांग आज जनदर्शन में | जनदर्शन में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सुनी आम नागरिकों की समस्याएं  520 से अधिक आवेदकों ने डिप्टी सीएम के समक्ष रखी अपनी मांगें एवं समस्याएं | जनदर्शन: लोरमी में 14 अक्टूबर को उप मुख्यमंत्री श्री साव सुनेंगे आम नागरिकों की समस्याएं | मुंगेली पुलिस के ‘पहल’ अभियान के तहत विद्यार्थियों को किया गया जागरूक, साइबर अपराध से बचाव के बताए तरीके | डिप्टी सी एम साव ने पुल और सड़क के कार्य को लेकर अधिकारियों की लगाई क्लास | सेवा संकल्प अभियान के तहत लोरमी और ग्राम लगरा में सेवा सेतु शिविर आयोजित |

RECENT POSTS

भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की तरफ हम अग्रसर – नवीन मार्कणडेय

Picture of ashwani agrawal

ashwani agrawal

भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की तरफ हम अग्रसर – नवीन मार्कणडेय

मुंगेली ब्यूरो- जितेन्द्र पाठक

मुंगेली – भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार आर्थिक महाशक्ति बनने की तरफ अग्रसर है। आयकर में ऐतिहासिक छूट के बाद अब जीएसटी के स्लैब का सरलीकरण, इसके रेट में अभूतपूर्व सुधार करके, रेट को कम करके करकेभारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की तरफ हम अग्रसर हो चुके हैं। ये बातें पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश भाजपा के महामंत्री एवं पूर्व विधायक नवीन मार्कण्डेय ने विश्राम गृह में कही,इस अवसर पर विधायक पुन्नूलाल मोहले एवं जिलाध्यक्ष दीनानाथ केशरवानी उपस्थित रहे।श्री मार्कण्डेय ने आगे कहा कि यह बदलाव आम आदमी के जीवन को खुशहाल करने वाले और व्यापार उद्योग को नई गति देने वाले हैं। इससे न सिर्फ लोगों की बचत में ऐतिहासिक बढ़त होगी, बल्कि जीएसटी कानूनों के सरलीकरण से अब व्यापारी भी अधिक सुगमता के साथ अपना कार्य कर सकेंगे। मां शक्ति की अराधना के पावन पर्व 'नवरात्रि' से लागू होने वाले यह नए प्रावधान देश को आर्थिक रूप से और शक्तिशाली बनाएंगे। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि एक राष्ट्र-एक टैक्स की भावना के साथ पहले सभी तरह के अप्रत्यक्ष करों को एक कर प्रणाली के तहत मोदी ने लाकर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की अवधारणा को साकार किया और अब इसे और सरल बना कर क्रांतिकारी सुधारों का सूत्रपात किया गया है।

आजादी के बाद से लेकर 101 वें संविधान संशोधन द्वारा 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने से पहले तक भारत में 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस लागू थे। इसके अलावा भी राज्य सरकारें मनमाने ढंग से कभी भी कोई भी कर आरोपित कर देती थी। प्रत्यक्ष कर की बातें करें तो आयकर की दर तो एक समय अधिकतम 97.5 प्रतिशत तक पहुंच गया था। पिछले वर्ष 12 लाख सालाना की आय पर टैक्स नहीं लागू करने का निर्णय लेने के बाद अब जीएसटी में चार स्लैब के बदले दो ही स्लैब रखने, सभी उपयोगी वस्तुओं पर कर शून्य करने और अनेक उत्पादों में कर 10 प्रतिशत तक कम कर देने से अब वास्तव में भारतीय अर्थव्यवस्था अब जनता के लिए रामराज्य लाने वाला साबित होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार करने का आश्वासन दिया था, और मात्र बीस दिन की भीतर ही जीएसटी काउंसिल ने इस सुधार को मंजूरी दे दी गई है।

नये सुधार से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। रोजमर्रा की अनेक वस्तुएं जैसे तेल, शैम्पू, टूथपेस्ट, मक्खन, पनीर, सिलाई मशीन से लेकर ट्रैक्टर व उसके कलपूर्जे व अन्य कृषि उपकरण तथा व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा, शैक्षणिक वस्तुओं के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक व ऑटोमोबाइल उत्पादों को किफायती बनाया गया है। एक विकसित अर्थव्यवस्था में करदाता अधिक, और टैक्स की दर कम होना चाहिए। इसी लक्ष्य को हासिल किया है जीएसटी ने। जीएसटी करदाता 2017 में 66.5 लाख से बढ़कर 2025 में 1.51 करोड़ हो गए हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में सकल जीएसटी संग्रह 22.08 लाख करोड़ रुपये रहा, जो केवल चार वर्षों में दोगुना हो गया है।

जीएसटी कम होने का लाभ वस्त्र उद्योग को विशेष रूप से निर्यात के लिए होगा। हस्तशिल्प की कम दरें कारीगरों की आजीविका को समर्थन देंगी, विरासत को संरक्षित करेंगी और ग्रामीण आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी। ऑटोमोटिव में स्पष्ट वर्गीकरण से विवाद कम होंगे तथा विनिर्माण और निर्यात में वृद्धि को समर्थन मिलेगा। नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा।
यह सुधार किसानों के जीवन में आर्थिकी को मजबूती प्रदान करेगा। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, रोटावेटर में अलग-अलग तरह के जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। यह किसान के लिए लागत सक्षम कृषि में सहायक होगी। जैव-कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर जीएसटी दर घटाई गई है। स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा उत्पादों पर कर समाप्त करने का लाभ सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। यह कर छूट सभी के लिए बीमा का लक्ष्य पाने में मददगार होगा। सस्ते इलाज के संदर्भ में यह कदम ऐतिहासिक है।

इसके अलावा अपवाद के रूप में जहां स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पादों पर 40 प्रतिशत कर आरोपित किया गया है, वहीं बीड़ी को 18 प्रतिशत के स्लैब में ही रखा गया है। इससे भविष्य में तेंदू पत्ता संग्राहकों को काफी लाभ होगा। जनजातीय क्षेत्र में तेंदू पत्ता जैसे लघु वन्य उत्पादों की मांग अधिक बढ़ेगी, इससे प्रदेश को भी काफी लाभ होगा।
छत्तीसगढ़ को आर्थिक सुधार और शानदार प्रबंधन के लिए केवल प्रोत्साहन राशि के मद में 6200 करोड़ रुपए मिले हैं। यह प्रोत्साहन मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायजी के नेतृत्व में किए श्रेष्ठ आर्थिक प्रबंधन का उदाहरण है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रदेश मंत्री श्रीमती विद्या सिदार, जिलाध्यक्ष दीनानाथ केशरवानी,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, गिरीश शुक्ला, शैलेश पाठक,जिला मीडिया प्रभारी सुनील पाठक एवं पत्रकार गण उपस्थित रहे।

Ashwani Agrawal
[the_ad_group id="76"]
मुंगेली / लोरमी न्यूज़
CRIME NEWS
RECENT POSTS